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"यमुना अथॉरिटी" के अधिकारी सरकार और किसानों के बीच कराना चाहते हैं भीषण टकराव: सुधीर त्यागी

Administrator

17 Jan 2026, 13:26

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"यमुना अथॉरिटी" के अधिकारी सरकार और किसानों के बीच कराना चाहते हैं भीषण टकराव: सुधीर त्यागी
किसानों का संयुक्त संगठन किसान कल्याण परिषद के तत्वाधान में एक बड़े आंदोलन की तैयारी में
नई दिल्ली। जेवर क्षेत्र के किसान एक बार फिर आंदोलन के मुहाने पर हैं हालांकि इस क्षेत्र में कई आंदोलन अभी भी चल रहे हैं। लेकिन जनवरी 2026 के अंत तक किसानों का संयुक्त संगठन किसान कल्याण परिषद के तत्वाधान में एक बड़े आंदोलन की तैयारी में है। किसान कल्याण परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुधीर त्यागी ने दिल्ली में मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि जेवर क्षेत्र के किसान यमुना प्राधिकरण की मनमानी और गलत नीतियों के कारण परेशान हैं प्राधिकरण अपनी लिखित वादों पर भी खरा नहीं उतर रहा है और किसानों की परेशानियों को बढ़ाने में जुटा है। सुधीर त्यागी ने कहा कि किसान सरकार से टकराव नहीं चाहते, लेकिन यमुना अथॉरिटी के अधिकारी टकराव करने जैसी स्थिति जान-बूझकर पैदा कर रहे हैं। त्यागी का कहना है कि किसान अपनी मांगों और परेशानियों को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और क्षेत्र के विधायक ठाकुर धीरेंद्र सिंह से कई बार मुलाकात कर चुके हैं। फिर भी कोई अधिकारी किसानों की समस्याओं को सुनने को तैयार नहीं है। हालांकि मुख्यमंत्री का अधिकारियों को साफ संदेश है कि जेवर क्षेत्र के किसानों की समस्याओं को यमुना अथॉरिटी के अधिकारी सुने और उसका निस्तारण करें। इसके बावजूद भी यमुना अथॉरिटी के अधिकारी सीएम की भी सुनने को तैयार नहीं है। यमुना अथॉरिटी के अधिकारी अरुणवीर सिंह लिखित रूप से किसानों की मांगों को सही ठहराया था वे यमुना अथॉरिटी के पूर्व सीईओ के नेतृत्व में किसानों से लिखित वादा किए थे वर्तमान अधिकारी किसानों कि उन मांगों पर काम करने की बजाय किसानों को ही परेशान कर रहे हैं। किसान अपनी 8 सूत्रीय मांगों को लेकर भीषण सर्दी में अड़े हुए हैं। किसानों को मुआवजा का 64.7 प्रतिशत यमुना प्राधिकरण को बढ़ा कर देना था और 7 प्रतिशत आबादी भूखंड मुख्य रूप से देने की बात थी इसके साथ ही स्थानीय युवाओं को नौकरी दिए जाने जैसे अनेक शर्तें थी लेकिन यमुना प्राधिकरण ने किसानों की एक भी शर्तें मानने को तैयार नहीं है। ऐसी स्थिति में किसान असमंजस में है और वह सरकार से टकराव न चाहते हुए भी आंदोलन के मुहाने पर खड़े हैं। जिसका जिम्मेदार किसान यमुना प्राधिकरण के अधिकारियों को बता रहे हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि यमुना प्राधिकरण के अधिकारियों की मंशा ठीक नहीं है वह सरकार की फजीहत कराने जैसे कारनामों में शामिल हो रहे हैं। सुधीर त्यागी ने कहा कि अब किसानों और यमुना अथॉरिटी के अधिकारियों के बीच आर-पार की बात होगी।
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